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मोदी सरकार मोबाइल हैक कर रही है… जानिए, विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप और Apple नोटिफिकेशन के पीछे का सारा सच

नई दिल्ली। आज यानी 31 अक्टूबर की सुबह से ही आरोपों का सिलसिला शुरू हो गया है। विपक्ष के नेताओं ने एक एक करके अरोप लगाए कि मोदी सरकार एक बार फिर उनके मोबाइल को हैक कर उनकी प्राइवेसी पर हमला कर रही है। दरअसल ये सब शुरू हुआ एप्पल के एक अलर्ट से, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल है। इसके बाद एप्पल ने अपनी तरफ से सफ़ाई भी दी। इस पर केंद्र सरकार की तरफ से भी अब जवाब आया है। आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये मुद्दा बहुत चिंतित करने वाला है।

अश्विनी वैष्णव ने X पर लिखा, “सांसदों और दूसरे कई लोगों को एप्पल से एलर्ट भेजा गया है, “इस सूचना से हम चिंतित हैं। इस मामले में एप्पल ने जो जानकारी मुहैया कराई है वो सतही है और अस्पष्ट है। एप्पल ने कहा है कि ये एलर्ट जिन सूचनाओं पर आधारित हैं, वो परफेक्ट नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि कुछ नोटिफिकेशन फाल्स अलार्म भी हो सकते हैं या कुछ अटैक का पता ही न चल पा रहा हो। भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर बेहद गंभीर है और सरकार इन नोटिफिकेशंस के पीछे का कारण जानने के लिए और जांच करेगी। हमने एप्पल से कहा है कि वो इन स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैक के एलर्ट की जांच में सहयोग दें और हमें सही और सटीक जानकारी मुहैया कराएं।”

इसके साथ ही आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा,”हम आशा करते हैं कि एप्पल हमें इस बात का जवाब देगा कि अगर उसके बनाए डिवाइस सिक्योर हैं तो ये threat notification 150 से ज्यादा देशों में क्यों भेजे गए? क्योंकि एप्पल तो हमेशा ये दावा करता रहता है कि वो प्राइवेसी को ध्यान में रखकर अपने डिवाइस डिजाइन करता है।”

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक़ सरकार ने इसे Algorithm Malfunction बताया था। वहीं, विपक्ष के नेता लगातार इसे पेगसस से जोड़ रहे हैं। कांग्रेस लीडर राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर कहा है कि ऑपोजीशन ऐसे हैक्स से नहीं डरता।