
नई दिल्ली। इस साल अक्टूबर महीने में 15 दिन के अंतराल पर दो ग्रहण लगने वाला है। सर्व पितृ पक्ष की अमावस्या यानी 14 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण लगेगा और इसके 15 दिन बाद यानी 28 अक्टूबर को चंद्र ग्रहण लगेगा।
सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर की रात 8 बजकर 34 मिनट से लेकर 2 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। ग्रहण रात में लगेगा इस कारण से भारत में नजर नहीं आयेगा। इसलिए यहां सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। यह सूर्य ग्रहण अमेरिका, अफ्रीका समेत अन्य देशों में चंद्रमा की आकृति में बहुत छोटी दिखाई देगी।
जबकि चंद्र ग्रहण 28 और 29 अक्टूबर के मध्य शाम 1 बजेकर 5 मिनट से लगेगा और रात 2 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। यह भारत में देखा जा सकता है इसलिए सूतक मान्य होगा। सूतक काल 28 अक्टूबर की शाम 4 बजकर 5 मिनट पर शुरू होगा। इस दौरान मंदिर के कपाट बंद होंगे और पूजा नहीं की जाएगी।
हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार, ग्रहण के सूतक काल का बड़ा महत्व होता है। इसलिए इस दौरान कुछ भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। हिंदू धर्म में ग्रहण का बड़ा महत्व है। खगोलीय और धार्मिक दोनों दृष्टियों से सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है, तो सूरज की रोशनी धरती तक पहुंच नहीं पाती है। इसे ही सूर्य ग्रहण का नाम दिया गया है।
