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पीएम मोदी ने किया सूरत डायमंड बोर्स का उद्घाटन, 1.5 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज दुनिया के सबसे बड़े कॉरपोरेट ऑफिस हब ‘सूरत डायमंड बोर्स’ का उद्घाटन किया। जिसे 3,400 करोड़ रुपये की लागत से 35.54 एकड़ भूमि पर निर्मित बनाया गया है। जो कच्चे और पॉलिश किए गए हीरे के व्यापार का एक वैश्विक केंद्र बनेगा। साथ ही आज सूरत एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का लोकार्पण हुआ है और सूरत एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा मिला। पीएम मोदी ने इस शानदार टर्मिनल और इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए सूरतवासियों को बधाई दी।

सूरत डायमंड बोर्स उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि आजकल आप सभी ‘मोदी की गारंटी’ की चर्चा खूब सुनते होंगे। हाल के दिनों में जो चुनाव नतीजे आए, उसके बाद ये चर्चा और बढ़ गई है। लेकिन सूरत के लोग तो ‘मोदी की गारंटी’ को बहुत पहले से जानते हैं। यहां के परिश्रमी लोगों ने ‘मोदी की गारंटी’ को सच्चाई में बदलते देखा है और इस गारंटी का उदाहरण ये ‘सूरत डायमंड बुर्स’ भी है।

उन्होंने आगे कहा कि सूरत की डायमंड इंडस्ट्री पहले से ही 8 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दे रही है। अब सूरत डायमंड बुर्स से भी 1.5 लाख साथियों को रोजगार मिलने वाला है। मैं डायमंड के व्यापार-कारोबार से जुड़े आप सभी साथियों की प्रशंसा करूंगा, जिन्होंने इस इंडस्ट्री को नई ऊंचाई देने के लिए दिन-रात एक किया है।

सूरत की डायमंड बोर्स दुनिया की सबसे बड़ी इंटरकनेक्टेड इमारत है, इसमें 4,500 से अधिक इंटरकनेक्टेड कार्यालय हैं। इस इमारत में 175 देशों के 4,200 व्यापारियों को सहेजने की क्षमता है, जो पॉलिश किए गए हीरे खरीदने के लिए सूरत आएंगे। इस व्यापार सुविधा से लगभग 1.5 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। डायमंड बोर्स, दुनिया के कोने-कोने से हीरा खरीदारों को सूरत में व्यापार करने के लिए एक वैश्विक मंच देगा।

इससे पहले जुलाई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक्स’ पर एक मीडिया रिपोर्ट को साझ किया था, जिसमें कहा गया था कि सूरत डायमंड बोर्स ने अब पेंटागन को पीछे छोड़ दिया है, जो पिछले 80 वर्षों से अब तक दुनिया की सबसे बड़ी कार्यालय इमारत मानी जाती थी। सूरत डायमंड बोर्स व्यापार, नवाचार और सहयोग के केंद्र के रूप में काम करेगा, हमारी अर्थव्यवस्था को और बढ़ावा देगा और रोजगार के अवसर पैदा करेगा।