नई दिल्ली। मोहन यादव को मुख्यमंत्री पद के लिए जब मनोनीत किया गया, तभी प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि वे दिल्ली काम मांगने नहीं जाएंगे और न ही वे मध्य प्रदेश छोड़ेगे। एक बार फिर शिवराज सिंह ने भाजपा आलाकमान को ये संदेश दिया कि वे प्रदेश नहीं छोड़ने वाले हैं। गुरुवार को शिवराज सिंह चौहान अपने विदिशा के फॉर्म हाउस पहुंचे और खेतों का जायजा लिया। इस दौरान शिवराज ने अपने खेतों की बुआई भी की। आसपास के किसानों के साथ भेंट मुलाकात और चर्चा भी की।
इस दौरान सीएम ने कहा कि अपने मध्य प्रदेश की माटी सोना उगलती है। धरती मां धन-धान्य से घरों को खुशहाल बना देती है। शिवराज ने आगे लिखा कि पसीने की कुछ बूंदों से माटी को नमन किया। आज खेतों की जुताई कर चने की बुआई की।
गौरतलब है, शिवराज सीहोर जिले के जैत के रहने वाले हैं और बुधनी सीट से विधायक हैं, लेकिन उनकी जमीन जायजाद विदिशा में भी है। वे विदिशा से ही सांसद भी रह चुके हैं। शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्होंने 16.5 साल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर काम किया है। बुधवार को एमपी के नए सीएम मोहन यादव ने शपथ ली है। चुनाव जीतने के बाद विधायक दल की बैठक में मोहन यादव को विधायक दल का नेता चुना गया था।
बता दें कि शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि अपने लिए दिल्ली में जाकर पद मांगने के बेहतर मैं मरना पसंद करूंगा। जिसके बाद से शिवराज सिंह चौहान खेती करते हुए नजर आ रहे हैं।

