नई दिल्ली। केरल के एर्नाकुलम में कलामसेरी स्थित यहोवा कन्वेंशन सेंटर में चल रही प्रार्थना सभा में रविवार यानी 29 अक्टूबर को जबरदस्त धमाका हुआ। जिस वक्त ये धमाका हुआ, उस वक्त कन्वेंशन सेंटर में प्रार्थना के लिए 2,000 से अधिक लोग जुटे हुए थे। इस हमले में अब तक एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हो चुकी है। जबकि करीब 36 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अभी तक धमाके की वजह का पता नहीं चल पाया है।
इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने केरल CM से केरल धमाके के मुद्दे पर बात की है। एनएसजी की NBDS टीम भी केरल जाएगी। प्रशासन ने अस्पतालों को पूरी तरह से तैयार रहने को कहा है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, ‘धमाका हॉल के बीच में हुआ। मैंने विस्फोट की तीन आवाजें सुनीं। मैं पीछे की तरफ था। वहां बहुत धुआं था। मैंने सुना की एक महिला की मौत भी हो गई है।’
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा, ‘यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हम घटना के संबंध में विवरण जुटा रहे हैं। एर्नाकुलम में सभी शीर्ष अधिकारी मौजूद हैं। डीजीपी घटनास्थल पर जा रहे हैं। हम इसे बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। मैंने डीजीपी से बात की है। हमें जांच के बाद और जानकारी हासिल करनी होगी। फिलहाल, एक की मौत हो गई है और दो लोगों की हालत थोड़ा गंभीर है। कुछ अस्पताल में भर्ती हैं।मैं विवरण प्राप्त करने के बाद ही बात करूंगा।’
आशंका जताई जा रही है कि धमाके के पीछे बड़ी साजिश है। सूत्रों की मानें तो धमाके में IED का इस्तेमाल किया गया है। इस धमाके के बाद मुंबई और लखनऊ में यहूदी धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यहां तक यूपी में इकाना स्टेडियम की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है, यहां भारत इग्लैंड का क्रिकेट मैच चल रहा है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे विस्फोट हुआ और पुलिस सहायता मांगने के लिए कॉल आया। घटना के बाद के कुछ वीडियो सामने आए हैं जिसमें बचाव और राहत कर्मी तथा पुलिस कर्मी घायलों को घटनास्थल से बाहर निकाल रहे थे। विस्फोट के बाद कन्वेंशन सेंटर के बाहर सैकड़ों लोग देखे गए।
आपको बता दें कि यहोवा के साक्षी (Jehovah’s Witnesses) ईसाई धर्म का एक संप्रदाय है जिसकी धार्मिक मान्यताएं मुख्यधारा ईसाईयत से अलग होती हैं। वैश्विक स्तर पर इसके कई कार्यक्रम समय समय पर आयोजित किए जाते हैं। यहोवा के साक्षियों के सिद्धांत उनके शासी निकाय द्वारा तय होते हैं।

