
नई दिल्ली। फिलिस्तीनी संगठन हमास के रॉकेट हमलों के बाद से इजरायल की ओर से लगातार जवाबी कार्रवाई की जा रही है। इजराइल के करीब एक लाख सैनिकों ने गाजा को घेर लिया है। सैकड़ों टैंक गाजा की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं और सैकड़ों टैंक गाजा की सीमा पर पहुंच चुके हैं। इससे साफ है कि इजराइल ने गाजा पर ग्राउंड ऑपरेशन करने का मन बना लिया है। इजराइल अब किसी भी समय गाजा में घुसकर सैन्य ऑपरेशन को अंजाम दे सकता है।
गाजा के उत्तर क्षेत्र में रह रहे 11 लाख नागरिकों को इजराइल ने निर्देश दिया है कि 24 घंटे के अंदर सभी लोग इस इलाके को खाली करके चले जाएं। हमास हमले से बौखलाए इजराइल के प्रधाानमंत्री नेतन्याहू पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि वह हमास का नामोनिशान मिटा देगें। गाजा में खाना, पानी, बिजली, फ्यूल और गैस की सप्लाई बंद कर दी गई है।
बता दें कि गाजा की पूरी आबादी करीब 22 लाख है। ऐसे में 11 लाख नागरिक यानी कि गाजा की आधी आबादी। गाजा का दक्षिणी क्षेत्र मिस्र की सीमा से सटा हुआ है और वह सुरक्षित माना जा रहा है, लेकिन अब सवाल ये है कि उत्तरी क्षेत्र से 11 लाख लोग मात्र 24 घंटे में दक्षिणी क्षेत्र तक कैसे पहुंचेंगे?
इस पर संयुक्त राष्ट्र का कहा है कि इतने कम समय में इतने सारे लोगों को कहीं और ले जाना असंभव है। संयुक्त राष्ट्र ने अपील की है कि इजराइल अभी कोई भी ऐसा कदम न उठाए, जिससे गाजा की मुश्किल और बढ़ जाए।
इजराइल के इस अल्टीमेटमम के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भी बयान सामने आया है। पुतिन ने कहा कि इजरायल के ग्राउंड ऑपरेशन से इतने ज्यादा नागरिक हताहत होंगे, जो बिल्कुल अस्वीकार्य होगा।
इजराइल के हमले में अब तक 1,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 6,000 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। इजराइल के अनुसार हमास के 3,600 से अधिक ठिकानों को तबाह किया जा चुका है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार गाजा में 4 लाख से अधिक लोग अभी ही बेघर हो चुके हैं।

