चुनावराजनीति

अल्पसंख्यकों को साधने में जुटी भाजपा, पार्टी में कोई मुस्लिम मंत्री नहीं…दो को बनाया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

नई दिल्ली। भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए कमर कस ली है और इस बार के आम चुनाव में भाजपा पसमांदा मुसलमानों के बीच पैठ बनाने का प्रयास कर रही है। इसका सत्यापन आज घोषित हुई जेपी नड्डा की नई टीम से भी हो गया। आज भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपनी टीम का चुनाव किया​। उत्तर प्रदेश से MLC डॉ तारिक मंसूर को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया है।

पसमांदा मुसलमानों के बीच से आने वाले डॉ तारिक मंसूर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर रहे हैं। मोदी सरकार ने उन्हें पद्म सम्मान देने वाली स्क्रीनिंग कमेटी का सदस्य भी बनाया था। मंसूर को केंद्रीय टीम में शामिल कर, भाजपा ने पसमांदा सहित सभी मुसलमानों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि, वो सबका साथ-सबका विकास वाली पार्टी है।

भाजपा का अल्पसंख्यकों पर कितना फोकस है, यह नई घोषित हुई टीम में शामिल दो और नाम से साफ हो जाता है। ये दोनों नाम केरल से हैं। इसमें पहला नाम अब्दुल्ला कुट्टी का है। तारिक मंसूर और अब्दुल्ला कुट्टी के रूप में भाजपा ने पहली बार दो मुस्लिम राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए हैं। सरकार में कोई मुस्लिम मंत्री भले ही ना हो लेकिन पार्टी में दो मुस्लिम राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं।

लिस्ट में दूसरा नाम है अनिल एंटनी का, जिन्हें बीजेपी ने राष्ट्रीय सचिव बनाया है। अनिल एंटनी कांग्रेस के दिग्गज नेता एके एंटनी के बेटे हैं। एके एंटनी केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और मनमोहन सरकार में रक्षा मंत्री रहे हैं। बीजेपी केरल में राजनीतिक संघर्ष कर रही है, ऐसे में अनिल को पद देकर, पार्टी ने अपनी स्थिति को मजबूत किया है।

अनिल एंटनी केरल के सबसे बड़े ईसाई समुदाय से आते हैं। भाजपा की रणनीति अनिल का वजन बढ़ा कर, ईसाई वोटों को अपने पक्ष में करने की है। केरल की 20 सीटों में से एक भी भाजपा के पास नहीं है। पार्टी जानती है कि अगर 2024 में, केरल में खाता खोलना है तो केवल हिन्दू ही नहीं ईसाई और मुस्लिम वोट भी पाने होंगे। यही कारण है कि भाजपा ने केरल से दो-दो नेताओं को अहम स्थान दिया है।