नई दिल्ली। भारत इतिहास रचने से बस एक कदम दूर है। इसरो का मिशन चंद्रयान-3 चांद पर सफल लैंडिंग करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। चांद पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के साथ ही भारत अमेरिका, चीन और रूस के बाद ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा। बता दें कि भारत ऐसा पहला देश है, जो चांद के साउथ पोल पर चंद्रयान-3 को लैंड कराएगा।
ISRO द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मिशन तय समय पर है और सिस्टम की नियमित जांच हो रही है। सुचारू रूप से उड़ान जारी है। इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के निदेशक नीलेश देसाई ने बताया कि अगर 23 अगस्त को स्थिति सामान्य नहीं रही तो लैंडिंग में चार दिन की देरी कर 27 अगस्त को होगी।
बता दें चांद पर चंद्रयान-3 की लैंडिंग 23 अगस्त की शाम 6:04 मिनट पर होनी है। अब ज्यादा समय बचा नहीं है। विक्रम लैंडर 25 km x 134 km की ऑर्बिट में घूम रहा है। इसी 25 किलोमीटर की ऊंचाई से इसे नीचे की तरफ जाना है। पिछली बार चंद्रयान-2 अपनी ज्यादा गति, सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी और इंजन फेल्योर की वजह से गिर गया था। इस बार वह गलती न हो इसलिए चंद्रयान-3 में कई तरह के सेंसर्स और कैमरे लगाए गए हैं।
मिशन चंद्रयान-3 पर 600 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। चंद्रयान-3 को 14 जुलाई को लॉन्च किया गया था। इसके चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने के लिए 41 दिन का समय निर्धारित किया गया था, जो अपने तय समयानुसार 23 अगस्त को चांद की सतह पर लैंड करेगा और सफल लैंडिंग करते ही नया इतिहास रच जाएगा।

