नई दिल्ली। 1 अगस्त,2023 यानी आज आसमान में सबसे बड़ा चांद दिखाई देगा। इसे सुपरमून कहते हैं। सुपरमून के दौरान चांद ज्यादा चमकदार और बड़ा दिखाई देता है। ऐसा तब होता है जब चांद पृथ्वी का चक्कर लगाते लगाते इसके एकदम नजदीक आ जाता है। ये चांद पूर्णिमा के चांद से करीब 8 फीसद बड़ा होता है। बता दें इस बार अगस्त के महीने में दो सुपर महीने में दिखाई देंगे।
पूर्णिमा से अमावस्या तक चांद के घटने बढ़ने के आठ चरण होते हैं, जो हर 29.5 दिन में दोहराए जाते हैं। चंद्रमा सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करता है और जब प्रकाश चांद के पिछले हिस्से पर पड़ता है तो यह नहीं दिखता। इस घटना को अमावस्या या न्यू मून कहते हैं। वहीं जब प्रकाश ऐसा पड़े कि पूरा चांद चमकता हुआ दिखे तो वह पूर्णिमा कहलाता है।
अर्थस्काई वेबसाइट के मुताबिक इस साल चार बार ऐसे मौके आएंगे जब चांद पृथ्वी के करीब होगा और पूर्णिमा भी रहेगी। इनमें से पहला 2-3 जुलाई को देखा गया था। दूसरा मौका एक अगस्त को आया है। सुपरमून देखने का तीसरा मौका 30-31 अगस्त को मिलेगा और आखिरी सुपरमून 28-29 सितंबर को दिखेगा। 1 अगस्त को स्टर्जन मून 2:32 बजे अपने पीक पर होगा। सूर्यास्त के बाद जब यह दक्षिण-पूर्व क्षितिज से ऊपर उठेगा तब भी यह पूरी तरह दिखाई देगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सुपर मून के समय चंद्रमा मकर राशि में होगा। ऐसे में कुछ राशि के जातकों के लिए यह चुनौतियां बढ़ा सकता है। हालांकि, रिश्ते, वित्तीय स्थितियों के लिए यह अच्छा साबित हो सकता है। सुपर मून के समय कुछ राशियों की भावनाएं तेज हो सकती है। ऐसे में थोड़ा संभलकर रहें, क्योंकि ऐसे में कुछ गुप्त बातें उजागर हो सकती है।

