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दोस्ती के नाम पर PAK को कर्ज में डुबा रहा है चीन

नई दिल्ली। दोस्ती के नाम पर चीन, पाकिस्तान का इस्तेमाल कर रहा है, कारोबार के नाम पर कर्ज में डुबो रहा है… पाकिस्तान के बड़े अखबार डॉन ने चीन और पाकिस्तान के कारोबार पर सवाल उठाया है। इकॉनामी की समझ रखने वाले पत्रकार खुर्रम हुसैन ने अपने एक लेख में लिखा कि चीन के साथ पाकिस्तान का कारोबार देश की बदहाली की सबसे बड़ी वजह है। अन्य देशों की तरह चीन, पाकिस्तान से भी सिर्फ कारोबार में मुनाफा ले रहा है। चीन के लिए पाकिस्तान कुछ अलग नहीं है।

खुर्रम आगे लिखते हैं कि 2010 में चीन के साथ हमारा कारोबारी असंतुलन 90 अरब डॉलर का था। इसका मतलब है कि गुड्स और सर्विसेज के बदले पाकिस्तान से 90 अरब डॉलर की भारी पूंजी चीन चली गई। इसके बाद हमने बड़ी रकम खाड़ी देशों से तेल खरीदने में खो दी।

उन्होंने आगे लिखा कि चीन से बेहतर तो हमारे लिए अमेरिका और यूरोप जैसे देशों से कारोबार करना है। अमेरिका के साथ हमारा कारोबार 34 बिलियन डॉलर के सरप्लस में है और ब्रिटेन के साथ 12 अरब डॉलर सरप्लस में है। इसका मतलब ये हुआ कि हम अमेरिका और ब्रिटेन से जो कमा रहे हैं वह हम चीन से कारोबार में खर्च कर देते हैं।

खुर्रम कहते हैं कि हमें चीन के साथ भावनाओं के आधार पर रिश्ते नहीं रखने चाहिए, बल्कि तथ्यों और जरूरत के अनुसार बात करनी होगी, लेकिन पाकिस्तान सतर्क होने की बजाय चीन से और कर्ज लेता जा रहा है, जिससे संकट और गहराता जा रहा है।