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अधीर रंजन चौधरी समेत विपक्ष के 33 सांसद लोकसभा से पूरे सत्र के लिए निलंबित, अब तक 47 सांसद पर हो चुकी कार्रवाई

नई दिल्ली। संसद की सुरक्षा को लेकर सोमवार (18 दिसंबर) को भी विपक्षी दलों ने लोकसभा और राज्यसभा में खूब हंगामा किया। इस बीच लोकसभा स्पीकर ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी समेत 30 सांसदों को लोकसभा के शीतकालीन सत्र से निलंबित कर दिया। वहीं तीन सांसदों को विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक निलंबित किया गया है। 13 विपक्षी सांसदों को पहले ही पूरे सत्र से निलंबित किया जा चुका है।

अधीर रंजन चौधरी के अलावा, अपूर्वा पोद्दार, प्रसून बनर्जी, मोहम्मद वसीर, जी सेलवम, सीएन अन्नादुरैय, डॉ टी सुमती, के नवासकानी, के वीरस्वामी, एनके प्रेमचंद्रन, सौगत रॉय, शताब्दी रॉय, असिथ कुमार मल, कौशलेंद्र कुमार, एनटो एंटनी, एस एस पलनामनिक्कम, तिरुवरुस्कर, प्रतिमा मंडल, काकोली घोष, के मुरलीधरन, सुनील कुमार मंडल, एस राम लिंगम, के सुरेश, अमर सिंह, राजमोहन उन्नीथन, गौरव गोगोई और टीआर बालू को निलंबित किया गया।

ये 30 सांसद हंगामे के चलते निलंबित हुए हैं जबकि तीन के. जयकुमार, विजय वसंत और अब्दुल खालिक को विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक निलंबित किया गया। दरअसल संसद में हमले के बाद ये विपक्षी दल लगातार संसद की सुरक्षा में सेंध के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में बयान देने की मांग कर रहे हैं।

अधीर रंजन चौधरी ने इस बीच कहा कि जो बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह टीवी में दे रहे हैं वो हम चाहते हैं कि सदन में दें। साथ ही उन्होंने कहा कि देश और हमें बताएं कि सरकार आगे सदन की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाएगी।

बता दें, इससे पहले 14 दिसंबर को कुल 14 सांसदों को सस्पेंड किया गया था। इनमें से 13 लोकसभा और एक राज्यसभा सांसद थे। इसमें कांग्रेस के टीएन प्रतापन, हिबी इडेन, जोतिमणि, रम्या हरिदास, डीन कुरियाकोस, वीके श्रीकंदन, बेनी बेहनन, मोहम्मद जावेद और मणिकोम टैगोर हैं। वहीं डीएमके के कनिमोई, माकपा के एस वेकटेशन और भाकपा के के. सुब्बारायन हैं। टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन एक मात्र राज्यसभा सांसद थे, जिन्हें सस्पेंड किया गया था।