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किसी का सुहाग गया तो किसी के घर का चिराग बुझ गया… आंखें नम कर देंगी राजौरी के 5 शहीदों की कहानियां

नई दिल्ली। राजौरी, जम्मू कश्मीर में दरमसाल के बाजीमल इलाके में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में 5 जवान शहीद हो गए। इनमें दो कैप्टन भी थे। वहीं, जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने लश्कर के दो आतंकियों को भी ढेर कर दिया। 36 घंटे चली इस मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों में लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष कमांडर भी शामिल है। इस पाकिस्तानी आतंकी ने अफगानिस्तान में ट्रेनिंग ली थी। इसके बाद दहशत फैलाने के लिए बॉर्डर के रास्ते भारत में घुसपैठ की थी।

आतंकियों के साथ फायरिंग बुधवार को शुरू हुई थी, लेकिन बुधवार रात को इलाके को चारों तरफ से घेरकर फायरिंग बंद करवा दी गई थी। गुरुवार सुबह आतंकियों ने फिर फायरिंग की तो जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी मारे गए। मारे गए लश्कर कमांडर की पहचान कारी के तौर पर हुई है।

कारी पाकिस्तानी नागरिक और हार्डकोर आतंकी था। उसकी ट्रेनिंग पाकिस्तान और अफगानिस्तान में हुई। वह लश्कर का हाईरैंक आतंकी था। कारी पिछले एक साल से अपने साथियों के साथ राजौरी-पुंछ में सक्रिय था, वह डांगरी और कांडी में हुए आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड था। पाकिस्तान के द्वारा कारी को घाटी में आतंकवाद को फिर से जीवित करने के लिए भेजा गया था। कारी IED एक्सपर्ट था। वह ट्रेन्ड स्निपर था और घने जंगल में छिपता था और साजिश के तहत हमले के अंजाम देता था।

शहीद हुए जवान
इस ऑपरेशन में शहीद हुए अफसरों और जवानों मे कैप्टन एमवी प्रांजल (मैंगलोर, कर्नाटक), कैप्टन शुभम गुप्ता (आगरा, यूपी), हवलदार अब्दुल माजिद (पुंछ, जम्मू कश्मीर), लांस नायक संजय बिस्ट (उत्तराखंड) और पैराट्रूपर सचिन लौर (अलीगढ़, यूपी) शामिल हैं।

कैप्टन एमवी प्रांजल
कैप्टन प्रांजल 63 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। कर्नाटक के मैसूर के रहने वाले सेना के अफसर कैप्टन प्रांजल सिर्फ 28 के थे। वे Manglore Refinery के पूर्व MD वेंकटेस के इकलौते बेटे थे। प्रांजल की शादी दो साल पहले बेंगलुरु की अदिति से हुई थी। शादी से कुछ समय पहले ही उनकी तैनाती कश्मीर में हुई थी।

कैप्टन शुभम गुप्ता
आगरा के कैप्टन शुभम गुप्ता भी राजौरी एनकाउंटर में शहीद हो गए। कैप्टन शुभम के पिता बसंत गुप्ता आगरा में डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट काउंसलर जिला अदालत में हैं। परिवार वाले इस साल शुभम की शादी की तैयारियां कर रहे थे। इसी बीच शुभम के शहीद होने की खबर आ गई। ये खबर सुनते ही शुभम के घर में शोक की लहर दौड़ गई।

हवलदार अब्दुल माजिद
इस ऑपरेशन में जम्मू कश्मीर के अब्दुल माजिद भी शहीद हुए हैं। माजिद एक पैरा कमांडो थे। उनका परिवार एलओसी पर जीरो-लाइन और सीमा बाड़ के बीच स्थित अजोट गांव में रहता है। माजिद की पत्नी और तीन बच्चे भी हैं। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। हालांकि, परिजनों को बेटे की शहादत पर गर्व है।

लांस नायक संजय बिष्ट
आतंकियों से लोहा लेते हुए उत्तराखंड के संजय बिष्ट की शहीद हो गए। वे 19 कुमाऊं पैरा में तैनात थे। बिष्ट रामगढ़ के हली गांव के रहने वाले थे। अभी उनकी अभी शादी नहीं हुई थी। संजय की शहादत की खबर सुनते ही उनके परिवार में मातम पसर गया।

पैरा ट्रूपर सचिन लौर
इस मुठभेड़ में अलीगढ़ के जवान सचिन भी शामिल हैं। सचिन की कुछ दिन बाद ही शादी थी। सचिन के अलावा परिवार में बड़े भाई और माता पिता हैं। सचिन की शहादत की खबर सुनकर पूरे गांव में मातम छा गया।