नई दिल्ली। महाराष्ट्र में आयोजित कार्यक्रम दीपोत्सव को संबोधित करते हुए गीतकार जावेद अख्तर ने जय सिया राम के नारे लगाए और वहां उपस्थित सभी लोगों से भी लगवाए। साथ ही उन्होंने कहा कि अब से सिया राम ही कहिऐगा। बता दें ये कार्यक्रम नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे की ओर से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में राज ठाकरे भी मौजूद थे।
जावेद अख्तर ने आगे कहा, हमने तो हिंदुओं से ही जीना सीखा है, अगर उनकी सहिष्णुता खत्म हुई, तो वे दूसरों की तरह हो जाएंगे। हिंदू संस्कृती ने हमें लोकतांत्रिक गुण सिखाए हैं, इसीलिए इस देश में लोकतंत्र है। ये सोचना कि हम सही हैं और बाकी सब गलत हैं। ये हिंदू काम नहीं है। जो आपको ऐसा सिखाए वो गलत है।
असहिष्णुता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू असहिष्णु नहीं थे। हिंदुओं ने लगातार अपने दिल को बड़ा किया और उनकी विशालता ही उनकी खूबी रही है। हमारी संस्कृति में कृष्ण जी की भी खूब महिमा है, लेकिन जब भी हम आइडियल मर्यादा पुरुषोत्तम और आइडियल वाइफ के बारे में बात करते हैं तो फिर राम और सीता ही ध्यान में आते हैं।”
उन्होंने फिल्म शोले का जिक्र करते हुए कहा, “अगर आज शोले फिल्म बनती तो मंदिर में हेमा मालिनी और धर्मेंद्र के डायलॉग्स पर बवाल मच जाता। आज समाज में असहिष्णुता बढ़ गई है। ये अच्छी बात नही है।”

