नई दिल्ली। उज्जैन में 12 साल की बच्ची से बलात्कार के मामले पुलिस ने चार लोगों से पूछताछ की और उन्हें हिरासत में लिया। अब पीड़ित बच्ची की पहचान भी हो गई है। बच्ची मंदबुद्धि है और सतना जिले के जैतवारा थाना इलाके के एक गांव में अपने दादा और अपने से तीन साल बड़े भाई के साथ रहती है।
बच्ची के दादा बकरी चराने और मजदूरी का काम करते हैं। पीड़िता के पिता विक्षिप्त हैं। मां करीब 12 साल पहले ही घर को छोड़कर जा चुकी है। घटना से एक दिन पहले सतना के जैतवारा थाने में उसके गुम होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी।
बता दें कि उज्जैन के बड़नगर रोड पर दांडी आश्रम के पास एक 12 साल की बच्ची के साथ बलात्कार कर फेंक दिया गया था। जहां से वह पैदल ही अर्धनग्न अवस्था में करीब ढ़ाई घंटे इधर-उधर घूमती रही लेकिन कोई मदद को आगे नहीं आया। राहुल शर्मा नाम के एक शख्स ने सबसे पहले बच्ची के बारे में पुलिस को जानकारी दी। सूचना मिलते ही करीब 20 मिनट में पुलिस मौके पर पहुंची।
राहुल ने कहा, “मुझे खेद है कि उज्जैन जैसे शहर में उस लड़की को मदद नही मिल पाई जहां पर लोगों को आगे आना चाहिए था। उस समय लड़की खड़ी नहीं हो पा रही थी और जो भाषा बोल रही थी वो उन्हें समझ नहीं आ रही थी।
राहुल ने आगे बताया कि तब लड़की की स्थिति ठीक नहीं थी और मेरी पहली प्राथमिकता उसका इलाज कराने की थी। बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसे अस्पताल में भर्ती किया गया और इंदौर के लिए रेफर कर दिया गया। अब लड़की की हालत खतरे से बाहर है।

