नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मथुरा में मंगलवार देर रात हुए ट्रेन हादसे का CCTV फुटेज सामने आया। जिसमें साफ देखा जा सकता है कि ट्रेन किस तरह प्लेटफॉर्म को तोड़ते हुए ऊपर चढ़ी। ट्रेन को यार्ड में ले जाने से पहले ही लोको पायलट सीट से उठ जाता है। जिसके बाद लाइटिंग स्टाफ का एक कर्मचारी पीठ पर बैग लटका कर, वीडियो कॉल पर बात करते हुए EMU ट्रेन के इंजन में आता है। बात करते-करते बैग को इंजन में थ्रोटल पर रख देता है।
कर्मचारी की इसी लापरवाही के कारण ट्रेन हादसा होता है। ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर-2 को तोड़ते हुए 30 मीटर ऊपर चढ़ जाती है और बिजली के पोल से टकराकर रुकती है।इस दौरान प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों में भगदड़ मच जाती है। बता दें थ्रोटल ही इंजन में एक्सीलेटर का काम करता है। इसी से ट्रेन की रफ्तार को कम ज्यादा किया जाता है।
नशे में लाइटिंग स्टाफ सचिन
हादसे के बाद ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट में पता चला कि बैग रखने वाला लाइटिंग स्टाफ सचिन हल्का नशे में था। जांच के लिए उसके खून का सैंपल भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि नशा किस स्तर और कितना था।
5 रेल कर्मी निलंबित
ट्रेन हादसे के बाद लोको पायलट सहित 5 रेल कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। ये सभी घटना के समय ट्रेन में मौजूद थे। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। निलंबित किए गए रेल कर्मियों में लोको पायलट गोविंद हरी शर्मा, हेल्पर इलेक्ट्रिक सचिन, टेक्नीशियन कुलजीत, बृजेश और हरवन कुमार हैं।
जानें पूरा मामला…
दिल्ली शकूर बस्ती स्टेशन से उत्तर रेलवे की EMU ट्रेन प्रतिदिन मथुरा के लिए चलती है। रेलवे के अधिकारियों को दी गई प्राथमिक रिपोर्ट में घटना के बारे में जानकारी दी गई है। इसमें लिखा है कि गाड़ी संख्या 04446 का मथुरा स्टेशन पर रात 10:49 बजे पहुंची।
लोको पायलट के उतरने के बाद इंजन के केबिन की चाबी लाइटिंग स्टाफ सचिन को दी गई और वह अंदर गया। इसी समय लगभग 1 मिनट के अंदर ही गाड़ी डेड एंड को तोड़ते हुए प्लेटफॉर्म नंबर-2 के ऊपर चढ़ गई। जो कि OHE खंभा संख्या 1002 को हिट और डैमेज करके उसी के ऊपर रुक गई। इसके कारण मथुरा यार्ड की मेन लाइन के किलोमीटर 1797/ 35 OHE ब्रेक डाउन की घटना हुई।
रेलवे को हुआ एक करोड़ से अधिक का नुकसान
हादसे में रेलवे को एक करोड़ से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। हादसे के कारण जहां प्लेटफॉर्म का करीब 50 मीटर लंबा हिस्सा डैमेज हुआ। वहीं, ओवर हेड वायर, पोल भी क्षतिग्रस्त हुए। लेकिन रेलवे को जो बड़ा नुकसान हुआ, वह हुआ EMU ट्रेन के इंजन में। हालांकि, इंजन में कितना नुकसान हुआ है, यह रेलवे का कोई अधिकारी बताने को तैयार नहीं है।

