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प्रियंका गांधी की प्रतिभा नहीं राहुल गांधी की ‘Rocking Image’ को भाव दे रही है कांग्रेस

नई दिल्ली। I.N.D.I.A गठबंधन के जरिए कांग्रेस खासी आक्रामक है। देश में जोर-शोर से प्रचार जारी है और राहुल गांधी गठबंधन के साथ-साथ कांग्रेस का भी नेतृत्व कर रहे हैं। इन सबके बीच प्रियंका गांधी पूरी तरह से गायब हैं। ऐसा क्यों है कि जिसमें कांग्रेस को इंदिरा गांधी की छवि दिखाई देती है, उसे पार्टी कहीं कोई स्थान नहीं देती है।

I.N.D.I.A गठबंधन की 3 बैठकें हो चुकी हैं, तीनों ही बैठकों में प्रियंका कहीं नजर नहीं आईं। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी की उम्मीदवारी को लेकर मीडिया ने उनको खबरों में बनाए रखने की कोशिश की है, लेकिन काफी समय से देखा जा रहा है कि कांग्रेस को प्रियंका से ज्यादा भरोसा राहुल पर है।

हालांकि प्रियंका को CWC में जगह दी गई, लेकिन यूपी में बृजलाल को हटाकर अजय राज को कमान देने के पीछे लोगों का यही मानना है कि प्रदेश की राजनीति में प्रियंका के प्रभाव को कम किया गया है। वैसे तो UP विधानसभा चुनाव-2022 के बाद प्रियंका ने पार्टी की एक बैठक तक नहीं की है।

UP ना सही लेकिन प्रियंका दूसरे राज्यों में मेहनत करती जरूर दिखाई देती हैं। कर्नाटक में उन्होंने खूब प्रचार किया, MP में रैलियां कर रही हैं यानी प्रियंका मैदान में तो दिखती हैं लेकिन मंच पर नहीं। मंच पर केवल सोनिया और उनके ‘एकमात्र’ उत्तराधिकारी के रूप में राहुल ही दिखते हैं।

कांग्रेस प्रियंका की ‘प्रतिभा’ के ऊपर राहुल की ‘rocking image’ को भाव दे रही है। जबकि इस छवि से पार्टी को किसी चुनाव में कोई ख़ास फायदा नहीं मिला है। बावजूद इसके प्रियंका ‘back seat’ पर हैं। कहीं ना कहीं प्रियंका को अपनी ही पार्टी में कहना पड़ रहा है- लड़की हूं, लड़ सकती हूं।