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सिनेमा हॉल पहुंचने से पहले ही कोर्ट पहुंची Jolly LLB 3, जज को ‘मामू’ बोलना पड़ा भारी?

  • फिल्म ‘जॉली एलएलबी 3’ के निर्माताओं के खिलाफ पुणे की एक अदालत में याचिका दायर की गई है।
  • याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि फिल्म के टीज़र में न्यायपालिका और अदालत की गरिमा का मजाक उड़ाया गया है।
  • अदालत ने फिल्म के निर्माताओं और कलाकारों को समन जारी किया है और मामले की सुनवाई 28 अगस्त तय की गई है।

 

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेताओं अक्षय कुमार और अरशद वारसी की आगामी फिल्म ‘जॉली एलएलबी 3’ पर एक कानूनी विवाद के बादल मंडरा रहे हैं। फिल्म के टीज़र को लेकर पुणे की एक अदालत में एक याचिका दायर की गई है, जिसके बाद निर्माताओं को कोर्ट का समन मिला है।

क्या है पूरा मामला?
फिल्म के हाल ही में जारी टीज़र में एक दृश्य को लेकर विवाद पैदा हो गया है। इस दृश्य में अक्षय कुमार और अरशद वारसी को अदालत में जज की भूमिका निभा रहे अभिनेता सौरभ शुक्ला को ‘मामू’ कहते हुए दिखाया गया है।

इसी को लेकर पुणे के वाजेद खान और गणेश मास्खे ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि फिल्म निर्माताओं ने कानूनी पेशे और अदालत की गरिमा का मजाक उड़ाया है। उनकी शिकायत में कहा गया है कि कोई भी वकील भरी अदालत में एक जज को ‘मामू’ संबोधन नहीं कर सकता।

याचिका में आगे कहा गया है, “वकालत कानून के क्षेत्र का एक गंभीर पेशा है और इस तरह से उसकी मर्यादा का उल्लंघन अनुचित है। भले ही यह एक काल्पनिक (फिक्शन) फिल्म है, लेकिन इसमें न्यायिक प्रणाली का पूरी तरह से अपमान दिख रहा है।”

अदालत का आदेश
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने फिल्म ‘जॉली एलएलबी 3’ के निर्माताओं और कलाकारों को समन जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई की तारीख 28 अगस्त तय की गई है और अदालत ने इस दिन सभी पक्षों को मौजूद रहने का आदेश दिया है।

फिल्म की रिलीज पर सवाल
फिल्म ‘जॉली एलएलबी 3’ को सितंबर महीने में रिलीज होना था। इसके टीज़र के बाद से ही दर्शकों में काफी उत्साह था। हालांकि, इस नए कानूनी विवाद ने फिल्म की रिलीज की योजनाओं पर एक सवालिया निशान लगा दिया है। अब यह देखना होगा कि आगामी सुनवाई में अदालत का क्या फैसला आता है और इसका फिल्म पर क्या असर पड़ता है।