लखनऊ: हाल ही में लखनऊ के चिनहट थाने में एक व्यक्ति की पुलिस हिरासत में मौत ने राज्य में हलचल मचा दी है। मोहित पांडे नामक इस व्यक्ति की असामयिक मृत्यु के बाद, उनके परिवार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवज़ा देने के साथ-साथ एक आवास, बच्चों को मुफ्त शिक्षा और अन्य सरकारी सुविधाएं प्रदान करने का आश्वासन दिया है। यह कदम सरकार की तरफ से पीड़ित परिवार को संबल देने की कोशिश माना जा रहा है।
इस मामले ने विपक्षी दलों को भी सक्रिय कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने पुलिस और सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं, बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी इस घटना को निंदनीय बताया है।
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को मोहित का एक स्थानीय नेता के रिश्तेदार आदेश नाम के व्यक्ति के साथ विवाद हुआ था। इसी विवाद के बाद पुलिस ने मोहित को हिरासत में लिया। मृतक के परिवार का आरोप है कि स्थानीय नेता के रिश्तेदार होने के कारण पुलिस ने मोहित के साथ अत्यधिक बर्बरता दिखाई।
घटना के बाद, रात करीब 2 बजे जब मोहित की तबीयत बिगड़ी, तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जहां उसकी मौत हो गई।
इस घटना ने प्रदेश में एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है, और यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या कानून के रखवाले ही अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं?

