- बीजेपी के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ और ‘एक हैं तो सेफ़ हैं’ वाले नारे पर सियासी विवाद उठ गया है।
- राहुल गांधी ने मोदी के नारे पर सवाल उठाए और खड़गे ने बीजेपी को समाज बांटने का आरोप लगाया।
- ओवैसी ने कहा कि मोदी भारत की विविधता को खत्म करना चाहते हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी के विवादित नारों को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक हैं तो सेफ़ हैं’ और बीजेपी के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ जैसे नारे अब चुनावी मुद्दा बन गए हैं। इस पर अब कांग्रेस और विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने कहा, “मन की बात अब ज़ुबान पर,” साथ ही एक तस्वीर भी साझा की। इसके बाद एक और पोस्ट में राहुल ने भारतीय रेलवे के एक हादसे की तस्वीर के साथ सवाल उठाया, “आम लोग कब सेफ़ होंगे, मोदी जी? आप तो सिर्फ ‘एक’ अडानी को सेफ़ करने में लगे हैं।” राहुल गांधी ने यह आरोप लगाया कि यह हादसा भारतीय रेलवे की लापरवाही और कम भर्तियों का नतीजा है।
इससे पहले, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इन नारों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, “आपने मनुस्मृति को अपनाकर पहले ही समाज को बांट दिया है, अब और बांटना चाहते हैं। 140 करोड़ जनता को आप कैसे काट सकते हैं?” खड़गे ने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने एकता के लिए अपनी जान दी, जबकि मोदी और योगी अपनी नीतियों से समाज को तोड़ने का काम कर रहे हैं।
हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “मोदी कहते हैं ‘एक हैं तो सेफ़ हैं’, लेकिन मजलिस कहती है ‘अनेक हैं तो अखंड हैं’। भारत की विविधता को खत्म करने की कोशिश हो रही है।” ओवैसी ने यह भी कहा कि मोदी चाहते हैं कि भारत के विभिन्न समुदाय जैसे मराठा, दलित, मुसलमान, ओबीसी और अन्य अपनी पहचान खो दें और एक जैसा हो जाएं, जो कि संभव नहीं है।
बीजेपी नेताओं की ओर से दिए गए इन नारों पर सियासी घमासान अब तेज हो गया है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ और ‘एक रहेंगे तो नेक रहेंगे’ जैसे नारे दिए थे, जिन पर विवाद खड़ा हो गया था। पीएम मोदी ने भी महाराष्ट्र में अपनी रैलियों में ‘एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे’ का नारा दिया, जिसे विपक्ष ने पूरी तरह से चुनौती दी है।

