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देवेंद्र फडणवीस… छोटी उम्र में ही दी थी कांग्रेस को शिकस्त

नई दिल्ली। 22 जुलाई, 1970… नागपुर में एक ऐसी शख्सियत ने जन्म लिया, जिन्होंने आगे चलकर अपने पिता की राजनीतिक विरासत के परे अपनी एक अलग पहचान बनाई और महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा नाम बनकर उभरे। जी हां हम बात कर रहे हैं देवेंद्र फडणवीस की।

देवेंद्र मराठी ब्राह्मण परिवार से हैं। उनके पिता गंगाधर राव फडणवीस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और जनसंघ का हिस्सा रहे। देवेंद्र फडणवीस के पिता राज्य विधान परिषद के सदस्य भी रहे थे। देवेंद्र ने लॉ में स्नातक की पढ़ाई की। उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की। देवेंद्र फडणवीस कॉलेज के दिनों में एबीवीपी के सक्रिय सदस्य थे। एबीवीपी कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने जमीनी स्तर पर कार्य किया।

देवेंद्र ने छोटी उम्र में राजनीति में कदम रखा था। फडणवीस जब 16 साल के थे, तब उनके पिता का निधन हो गया। भाजपा नेता नितिन गडकरी ने उन्हें अपनी विंग में शामिल कर लिया। 22 साल के थे, तब देवेंद्र फडणवीस ने कॉर्पोरेटर के रूप में करियर शुरू किया। 27 साल की उम्र में वह नागपुर के सबसे युवा मेयर बने। 1999 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें नागपुर वेस्ट से टिकट दिया।

2004 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें कांग्रेस के नेता रंजीत देशमुख के खिलाफ मैदान में उतारा था। उस समय सभी को लगा था कि देवेंद्र का जीतना मुश्किल है, लेकिन जनता में उन्होंने अपनी ऐसी छाप छोड़ी कि 17 हजार वोटों से उनकी जीत हुई। विधानसभा में अपनी तीसरी पारी के दौरान देवेंद्र फडणवीस एकनाथ खडसे का खास बन गए। नागपुर साउथ वेस्ट विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रह चुके हैं। देवेंद्र 2014 से 2019 तक मुख्यमंत्री पद पर रहे।

नवंबर 2019 में मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा का साथ छोड़ा, तो फडणवीस ने बड़ा कदम उठाया। उन्होंने एनसीपी नेता अजित पवार के साथ मिलकर सरकार बना ली। यह पूरा राजनीतिक ड्रामा 22 और 23 नवंबर को हुआ। राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया।

एनसीपी के कई विधायकों को राजभवन बुलाकर शपथ ग्रहण समारोह कराया गया। हालांकि एनसीपी चीफ शरद पवार ने अपने कुनबे को एकजुट कर लिया। परिणाम यह रहा कि देवेंद्र फडणवीस का मुख्यमंत्री के रूप में दूसरा कार्यकाल महज 80 घंटे में खत्म हो गया। अब शिवसेना विधायकों के बागी होने से देवेंद्र फडणवीस एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में ड्राइविंग सीट पर आ गए हैं।