नई दिल्ली। देश की 8 राष्ट्रीय पार्टियों की घोषित संपत्ति में एक वर्ष के दौरान करीब 1,531 करोड़ की बढोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2020-21 में इन राजनीतिक पार्टियों की संपत्ति 7,297.62 करोड़ रुपये थी जो वर्ष 2021-22 में बढ़कर 8,829.16 करोड़ रुपये हो गई है। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में ये जानकारियां दी गई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक सत्तारूढ़ भाजपा देश की सबसे अमीर राजनीतिक पार्टी है। वर्ष 2015-16 में भाजपा ने लगभग 894 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी जो 2021-22 में बढ़कर 6,046 करोड़ रुपये हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस देश की दूसरी सबसे अमीर राजनीतिक पार्टी है। वर्ष 2015-16 में कांग्रेस ने करीब अपनी संपत्ति 759 करोड़ रुपये घोषित की थी जो वर्ष 2021-22 में बढ़कर 805.68 करोड़ रुपये हो गई।
ये पार्टियां… भाजपा, कांग्रेस, नेशनल कांग्रेस पार्टी (NCP), बहुजन समाज पार्टी (BSP), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, CPI (माओवादी), तृणमूल कांग्रेस और नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPEP) हैं।
कम हुआ है पार्टियों का कर्ज
वर्ष 2020-21 के दौरान राष्ट्रीय पार्टियों पर 103.55 करोड़ रुपए का कर्ज था। इनमें से कांग्रेस के ऊपर 71 करोड़, भाजपा के ऊपर 16 करोड़, CPI (माओवादी) के ऊपर 16 करोड़, TMC के ऊपर 3.8 करोड़ और NCP के ऊपर 0.73 करोड़ रुपए का कर्ज था।
2021-22 के दौरान इन पांचों पार्टियों का कर्ज कम हो गया। इस दौरान कांग्रेस के ऊपर 41.9 करोड़, भाजपा के ऊपर 5 करोड़, CPI (माओवादी) के ऊपर 12 करोड़, TMC के ऊपर 2.5 करोड़ और NCP के ऊपर 0.72 करोड़ रुपए का कर्ज था।
रिजर्व फंड रिकॉर्ड बढ़ोतरी
एक साल में राष्ट्रीय पार्टियों का रिजर्व फंड 1572 करोड़ रुपए बढ़ गया। 2020-21 में इन पार्टियों का रिजर्व फंड 7,194 करोड़ रुपए था, जो 2021-22 में बढ़कर 8,766 करोड़ रुपए हो गया। बीते 11 वर्षों के रिकॉर्ड को देखें तो इस दौरान भाजपा के रिजर्व फंड में 700% वृद्धि हुई है, जबकि कांग्रेस के रिजर्व फंड में 169% वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार रिजर्व फंड में सबसे अधिक वृद्धि तृणमूल कांग्रेस (13,447%) और बसपा (1,194%) में हुई है।

