नई दिल्ली। चंद्रयान 3 को चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर सफलता पूर्वक लैंड कराने के बाद आज ISRO ने एक और इतिहास रचा। आज ISRO ने आदित्य एल1 को सफलतापूर्वक लांच किया। इसे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया। लॉन्चिंग के ठीक 127 दिन बाद यह अपने पॉइंट L1 तक पहुंचेगा। इस पॉइंट पर पहुंचने के बाद Aditya-L1 बेहद अहम डाटा भेजना शुरू कर देगा।
आदित्य एल1 मिशन 15 लाख किमी का सफर करके ऐसे स्थान पर पहुंचेगा जो सूर्य से एक निश्चित दूरी पर होगा। ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि सूर्य की गर्मी से आदित्य एल1 को खराब होने या फिर जलकर खाक होने से बचाया जा सके। आदित्य एल1 को धरती और सूर्य के बीच वाले प्वाइंट L1 पर स्थापित किया जाएगा, जहां सूर्य और धरती दोनों का ही गुरुत्वाकर्षण बल पहुंचता है।
बता दें कि सूर्य की सतह पर तापमान 5500 डिग्री सेल्सियस रहता है। ऐसे में आदित्य एल 1 को पोजिशन एल1 पर स्थापित करना अनिवार्य है। अगर आदित्य एल1 प्वाइंट एल1 पर नहीं रुका तो यह सूर्य की तरफ आगे बढ़ने लगेगा। अगर ऐसा हुआ तो आदित्य एल1 सूर्य की तापमान को झेल नहीं पाएगा और जलकर खाक हो जाएगा।
भारत के पहले सोलर मिशन आदित्य एल1 की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग के बाद इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा कि मैं आदित्य-एल1 मिशन लिए पीएसएलवी को बधाई देता हूं। अब से मिशन अपनी यात्रा शुरू करेगा। यह लगभग 125 दिनों की बहुत लंबी यात्रा है। बता दें कि आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान पीएसएलवी रॉकेट से सफलतापूर्वक अलग हो गया है।

